ऐसा कोई सगा नहीं जिसे नीतीश ने ठगा नहीं-मिथलेश सिंह

ऐसा कोई सगा नहीं जिसे नीतीश ने ठगा नहीं-मिथलेश सिंह 

स्त्रोत:-मिथलेश सिंह,संयोजक.लोक चेतना मंच के फेसबुक वाल से कॉपी 
                      बिहार मे एक अति चर्चित विद्वान एवं सम्मानीत पत्रकार है कन्हैया भेलारी जी ‌। रोहतास जिला के पबित्र एवं सम्मानीत गांव भेलारी के रहनेवाले है इसलिए अपने कन्हैया नाम के साथ पुस्तैनी सिंह उपाधि हटा कर भेलारी उपाधि अपना लिये है। आज नीतीश कुमार को शराबबंदी कानून समाप्त कर फिर गांवों की पबित्र गलियों मे दारु की दरिया बहाने का सलाह दिया है। ये भाला आरी वाला भेलारी भैया के सलाह को नटवरलाली नीतीश कुमार कितना महत्व देंगे ये तो समय बताएगा। परंतु नीतीश कुमार ने बिहार मे दारूबंदी कानून बनाया है दारु तो कभी बंद किया नहीं। स्वंय कन्हैया भेलारी जी ही कहते हैं कि नीतीश कुमार के हर थाना का दरोगा महिना मे एक करोड़ की कमाई दारू से करता है। उस हर कमाई मे नीतीश कुमार हिस्सेदार हैं। सरकार का राजस्व घटा नीतीश कुमार और आर सी पी सिंहा तो अरबो मे कमाई कर ही रहे है। शराबबंदी कानून समाप्त करने से सरकार का राजस्व भले बढ़ जाय नीतीश कुमार को तो घाटा होगा। वैसे कन्हैया भेलारी जी कोरोना महामारी मे नीतीश कुमार के पापो पर पर्दा डालने के लिए नीतीश कुमार के आदेश पर एक न्यूज हांट चैनल चला रहे जिसे मै हर रोज सुनता हूं। कन्हैया भेलारी जी बड़ी विद्वतापूर्ण ढंग से नीतीश कुमार के पापो पर पर्दा डालते हुए नीतीश कुमार की भांट की तरह प्रशंसा करना लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव को ओछा बतते कुछ मनगढ़ंत कहानी कथा कहना तथा कुछ पौराणिक ग्रंथों का उल्लेख करते समाचार पत्रो मे प्रकाशित समाचार को ब्यख्यात्मक ढंग से प्रस्तुत करते हैं। आज कन्हेया भेलारी जी नीतीश कुमार के दुलारे है कफी लालू प्रसाद के भी दुलारा हुआ करते थे। पता नही किसी खास कारण से आजकल बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय से भाला आरी वाला भेलारी भैया लगता है नाराज हैं। गुप्तेश्वर पाण्डेय जी से मेरी मुलाकात हो तो जानकारी प्राप्त करुंगा। काहे कि भाला आरी वाला भेलारी भैया गुप्तेश्वर पाण्डेय जी को कभी बक्सर से विधायक बना मंत्री बनाने का अभियान चला रहे है। नीतीश कुमार के चरित्रहीनता को भी अर्जुन भीम के कयि विवाहो का उल्लेख कर नीतीश के पापो पर पर्दा डालते हैं तो कभी लोहिया के बिचारो का सहारा लेकर बचाव करते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ही रेलवे के स्लीपर घोटाला जैक घोटाला रमेश डोंगरे का सपरिवार आत्महत्या प्रकरण भागलपुर का सृजन घोटाला मुजफ्फरपुर का बालिका गृह काण्ड सहित सैकड़ों घोटाला बचाते आ रहे हैं। इस कोरोना महामारी मे भी नीतीश कुमार 2020 चुनाव के लिए अरबो रुपया का घोटाला तो निश्चित ही करेंगे। भेलारी भैया के खाली दारुवे के चिंता बा। अरे भैया नीतीश सरकार के कयि गो मंत्री रोजे दारु पीए लन।
                       हमनी के त जेपी सेनानी हयि जा। जेपी सेनानी नीतीशो हवन बाकी नीतीश भगोड़ा आ रोवनिया रहन तथा चंदाचोर भी रहन जवना खातिर जेपी नीतीश आ रविन्द्र किशोर के अपमानित कयिले रहन। भेलारी भेया के इहो पता बा कि नीतीश कुमार दु गो चुनाव हरला के बाद नोकरी करे जात रहन जवन लालू प्रसाद रोक के नीतीश कुमार के अपना गोदी मे बैठा कर नेता परवरिश किया कंधो पर बेठा कर नेता बनाया। जिस चारा घोटाला मे लालू जी सजाफ्ता है यदि भारत का न्याय प्रणाली सत्य पर आधारित होता तो चारा घोटाला का मुख्य अभियुक्त नीतीश कुमार और शिवानंद तिवारी को होना चाहिए था।
आज तो जनजन कहता है कि
ऐसा कोई सगा नहीं जिसे नीतीश ने ठगा नहीं।
बिहार का ऐसा कोई आपदा नही जिसमे नीतीश ने अरबो घोटा नहीं।
भेलारी भैया बचाव जतना कयि लेस अब बिहार बोले लागल कि-------
बिहार को सर्वनाश से बचाने के लिए और राजनीतिक शुद्धता कायम करने के लिए नीतीश मुक्त बिहार नीतीश मुक्त राजनीति आज की एतिहासिक आवश्यकता है।