बिहार में हैरतअंगेज स्वास्थ्य घोटाला 65 साल की महिला 14 महीने में 8 बार बनी 'मां'

बिहार में हैरतअंगेज स्वास्थ्य घोटाला 65 साल की महिला 14 महीने में 8 बार बनी 'मां' 


मीडिया मंच:-रमेश कुमार चौबे की रिपोर्ट 
           जिस तरह से चारा घोटाला की सीबीआई जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि स्कूटर पर भी पशुओं की सवारी कराकर चारा घोटाले में अवैध पैसे की निकासी की गई है ठीक उसी तरह का एक सनसनीखेज एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है I यह हैरान करने वाला मामला मुजफ्फरपुर के मुशहरी ब्लॉक की 65 वर्षीय लीला देवी को लेकर सामने आया है I यह मामला इतना हैरत अंगेज है कि अगर इस उजागर मामले को देखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम और इसकी योजनाओं के क्रियान्वयन के लाभुकों की सूचि का भौतिक सत्यापन किया जाय तो बिहार में एक बड़े स्वास्थ्य घोटाला उजागर हो सकता है I 
             इस घोटाले के नेटवर्क को जानने के लिए इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए I किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से बिहार में स्वास्थ्य विभाग में सभी योजनाओं में हुए और निरंतर हो रहे घोटाले की जांच होनी चाहिए I स्वास्थ्य विभाग ने मुजफ्फरपुर के मुशहरी ब्लॉक की 65 वर्षीय लीला देवी को महज 14 महीने में 8 बार बनी 'मां' बनाया है और 8 बार उनके नाम पर स्वास्थ्य विभाग से 1,400 रुपए बतौर 'प्रोत्साहन राशि' देना भी दर्शाया है I 
            ज्ञात हो कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रावधान के तहत बालिका को जन्म देने पर राज्य के स्वास्थ्य विभाग से 1,400 रुपए बतौर 'प्रोत्साहन राशि' मिलते हैं I
             यह सुनने में सबको हैरत अंगेज लगेगा बिलकुल अविस्वस्नीय लगेगा लेकिन यह सच्ची बात है यह हकीकत है I बिहार के सरकारी विभाग में दर्ज यह रिकॉर्ड कुछ ऐसा ही कहानी बता रहा है I जिसके मुताबिक एक 65 वर्षीय महिला ने पिछले 14 महीनों में आठ बच्चियों को जन्म दिया है I बात यहीं तक नहीं है ऐसे ही एक और मामले में एक अन्य महिला पिछले 9 महीनों में 5 बच्चियों की मां बन गई है I जब यह मामला सामने आया तो स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों और अधिकारियों का मानना है कि ऐसा इसलिए हो सकता है कि कुछ महिलाओं ने बच्चियों को जन्म देने पर मिलने वाली ‘प्रोत्साहन राशि’ लेने के लिए ऐसा किया हो I 
               बहरहाल मुजफ्फरपुर के मुशहरी ब्लॉक की 65 वर्षीय लीला देवी ने पिछले 14 महीनों में सभी 8 महिला शिशुओं के लिए प्रोत्साहन राशि का अपना हिस्सा लिया है I इसके साथ हीं ऐसे ही एक और महिला सोनिया देवी ने भी पिछले 9 महीनों में सभी 5 महिला शिशुओं के लिए प्रोत्साहन राशि ली है I जबकि ये महिलाएं केवल ‘कागज पर’ मां बनी हैं हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है I 
                 मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह को जब इस बात की जानकारी दी गई उनके संज्ञान में यह तथ्य आया तो उन्होंने इस गंभीर मामले की जांच के लिए एक अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है I
               जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने कहा, “प्रथम दृष्टया यह एक घोटाले की तरह लग रहा है I हो सकता है कि इसमें सरकारी अधिकारी शामिल हों I हमने जांच के लिए एक टीम गठित कर दी है.” I
                अब देखना है कि जांच किन किन विन्दुओं पर किस किस एंगिल से हो रहा है I कहीं ऐसा न हो कि सफेदपोश या फिर रसूख़दार घोटालेबाज के कारण इसमें कागजी खाना पूर्ति कर लीपापोती न हो जाय I इस तरह के मामलों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष पारदर्शी जांच से स्वास्थ्य विभाग के घोटालों में कौन कौन संलिप्त हैं सच्चाई उजागर हो सकता है I 

 

बिहार में हैरतअंगेज स्वास्थ्य घोटाला 65 साल की महिला 14 महीने में 8 बार बनी 'मां'