क्वारंटीन सेंटर में भी जमातियों की मौज मस्ती अय्याशी तीन महिलाएं हुईं गर्भवती

क्वारंटीन सेंटर में भी जमातियों की मौज मस्ती अय्याशी तीन महिलाएं हुईं गर्भवती

झारखंड की राजधानी रांची में तब्लीगी जमात के सदस्यों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है I  जमातियों ने क्वारंटीन सेंटर को भी बनाया अपने अय्याशी का अड्डा I यहां क्वारंटीन सेंटर में रह रहीं जमात की तीन विदेशी महिलाएं गर्भवती हो गई हैं। इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन चौकन्ना हो गया है। अब सवाल उठता है कि ये महिलाएं कब गर्भवती हुई ? इनके साथ कितने लोगों नें शारीरिक संबंध स्थापित किया ? साथ हीं साथ इनके गर्भ में ठहरा किसका बच्चा है ? सबपर अनुसंधान के द्वारा हीं सच्चाई सामने आएगा I 
              इस मामले को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि क्वारंटीन सेंटर में इन लोगों को इसलिए रखा गया था ताकि शारीरिक दूरी का पालन हो सके, लेकिन अब महिलाओं के गर्भवती होने से प्रशासन पर सवालिया निशान खड़ेे हो गए हैं। आनन-फानन में रांची जिला उपायुक्त छवि रंजन ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए एडिशनल कलेक्टर को नियुक्त किया है, जिनका काम यह पता लगाना है कि किन कारणों के चलते सेंटर में शारीरिक दूरी का पालन नहीं हुआ। साथ ही इस सेंटर की जिम्मेदारी जिसे सौंपी गई थी, उससे पूछताछ की जाएगी।  
              इस संबंध में पटना सिविल कोर्ट के अधिवक्ता लक्ष्मण पाण्डेय का मनतब्य है कि अगर महिला क्वारंटीन सेंटर में रहने के दौरान गर्भवती हुई हैं तो उन्होंने महामारी रोग अधिनियम-2020 का उल्लंघन किया है। ऐसे में उनके खिलाफ इस अधिनियम की धारा 2 (3) के तहत केस दर्ज किया जाना चाहिए । दूसरी तरफ, सेंटर का जिम्मा संभालने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी लापरवाही बरतने का केस दर्ज होना चाहिए । 

                  ज्ञातब्य हो कि लॉकडाउन व वीजा नियमों का उल्लंघन करने पर 17 विदेशी जमातियों के खिलाफ राजधानी रांची में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में आरोपी जमातियों को गिरफ्तार कर खेलगांव स्थित क्वारंटीन सेंटर में भेज दिया गया था । ये लोग 30 मार्च से सेंटर में थे, जहां से 20 मई को इन्हें बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में भेज दिया गया। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मंगलवार को ये सभी जेल से बाहर निकले, तब जाकर इस बात का खुलासा हुआ कि तीन महिलाएं गर्भवती हैं। 
             झारखण्ड हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए 17 विदेशी नागरिक रांची में ही रह रहे हैं। इनमें से नौ पुरुष कडरू स्थित एक घर में रुके हुए हैं। वहीं, आठ लोग (चार दंपती) गुदड़ी चौक मिशन रोड में रह रहे हैं। बताया गया है कि इनके रुकने की व्यवस्था स्थानीय तब्लीगी कार्यकर्ताओं ने की है। 
          बहरहाल  रांची जिला प्रशासन पुलिस व स्वास्थ्य विभाग तीनों महिलाओं के गर्भवती होने की तिथि का पता लगाने में जुटे हैं ताकि अपनी अपनी भूमिका से पल्ला झाड़ सकें। इस मामले की जांच के आदेश के बाद सभी संबंधित संस्थान यथा बिरसा मुंडा जेल, जिला प्रशासन, रांची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग इस मामले में अपनी गर्दन बचाने में लगे हैं। अब गर्भधारण की तिथि यह जवाबदेही तय करेगी कि किसके ज्यूरिसडिक्शन काल में तीनों महिलाओं ने गर्भधारण किया, उसके बाद ही चूक के लिए दोषी चिह्नित होंगे।
 

क्वारंटीन सेंटर में भी जमातियों की मौज मस्ती अय्याशी तीन महिलाएं हुईं गर्भवती